Saturday, 6 July 2019

कौशल विकास की ज़रूरत

अब्राहम लिंकन के पिता जूते बनाते थे जब वह राष्ट्रपति चुने गये तो अमेरिका के अभिजात्य वर्ग को बड़ी ठेस पहुँची ! सीनेट के समक्ष जब वह अपना पहला भाषण देने खड़े हुए तो एक सीनेटर ने ऊँची आवाज़ में कहा, मिस्टर लिंकन याद रखो कि तुम्हारे पिता मेरे और मेरे परिवार के जूते बनाया करते थे ! इसी के साथ सीनेट भद्दे अट्टहास से गूँज उठी ! लेकिन लिंकन किसी और ही मिट्टी के बने हुए थे ! उन्होंने कहा कि,
मुझे मालूम है कि मेरे पिता जूते बनाते थे ! सिर्फ आप के ही नहीं यहाँ बैठे कई माननीयों के जूते उन्होंने बनाये होंगे ! वह पूरे मनोयोग से जूते बनाते थे , उनके बनाये जूतों में उनकी आत्मा बसती है ! अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण के कारण उनके बनाये जूतों में कभी कोई शिकायत नहीं आयी ! क्या आपको उनके काम से कोई शिकायत है ? उनका पुत्र होने के नाते मैं स्वयं भी जूते बना लेता हूँ और यदि आपको कोई शिकायत है तो मैं उनके बनाये जूतों की मरम्मत कर देता हूँ ! मुझे अपने पिता और उनके काम पर गर्व है !
सीनेट में उनके जवाब से सन्नाटा छा गया !
मैकॉले ने भारतीयों में अपने काम के प्रति गर्व की भावना समाप्त कर दी ! उनके पुश्तैनी कामों को निकृष्ट कर्म घोषित कर दिया और भारत के सभी उद्योग धंधों पर अंग्रेजों का कब्जा हो गया ! ढाका की मलमल बुनने की कला लुप्त हो गई ! भारतीय मोची बाटा और क्लार्क के लिये काम करने लगे ! झूठे आत्मगौरव ने कलात्मक कार्यों से विमुख कर उन्हें काला अंग्रेज बन कर बाबू बनने पर विवश कर दिया ! कारीगरी में हुनर की अभी भी दुनिया में बहुत इज़्ज़्त है ! पुश्तैनी कौशल नष्ट हो जाने के कारण आज सरकार कौशल विकास योजना चला रही है ! अंग्रेज अभी भी अपनी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दम पर मौज कर रहे हैं

राजकमल गोस्वामी

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